भारत-नेपाल संयुक्त समिति (JCKJP) की 11वीं बैठक: काठमांडू में कोसी-गंडक परियोजनाओं पर रणनीतिक मंथन

भारत-नेपाल संयुक्त समिति (JCKJP) की 11वीं बैठक: काठमांडू में कोसी-गंडक परियोजनाओं पर रणनीतिक मंथन

11th Meeting of the India-Nepal Joint Committee (JCKJP)

11th Meeting of the India-Nepal Joint Committee (JCKJP)

पटना। 11th Meeting of the India-Nepal Joint Committee (JCKJP), भारत-नेपाल कोसी व गंडक परियोजनाओं की संयुक्त समिति (जेसीकेजेपी) की 11वीं बैठक गुरुवार से शुक्रवार (30 अप्रैल से 01 मई) तक काठमांडू में होगी। इसके साथ ही नेपाल से होकर बहने वाली नदियों पर बाढ़ पूर्वानुमान गतिविधियों हेतु संयुक्त बैठक शुक्रवार यानी दो मई को होगी। 

बिहार सरकार की पहल पर होने वाली इस बैठक में भारत और नेपाल के बीच विभिन्न तकनीकी, प्रशासनिक एवं वित्तीय मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। कोसी एवं गंडक परियोजनाओं से संबंधित द्विपक्षीय विषयों के समाधान, बाढ़ सुरक्षा, सिंचाई व्यवस्था तथा परियोजनाओं के प्रभावी संचालन हेतु रणनीति बनाई जाएगी।

केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल में पांच सदस्य होंगे

जल संसाधन विभाग का दायित्व संभाल रहे उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी ने इस बैठक के लिए विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल की अध्यक्षता में पदाधिकारियों को नामित कर दिया है। 

अभियंता प्रमुख वरुण कुमार व ब्रजेश मोहन, मुख्य अभियंता संजीव शैलेश व अनिल कुमार मंडल, अधीक्षण अभियंता अवधेश कुमार सिन्हा, स्थानिक अभियंता (नई दिल्ली) चंद्रशेखर कुमार और निदेशक (एमएमसी) अजय कुमार के साथ सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे। जल शक्ति मंत्रालय में आयुक्त शरद चंद्र के नेतृत्व वाले केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल में पांच सदस्य होंगे। उनमें एक विदेश मंत्रालय का प्रतिनिधि भी होगा।

चर्चा के पहलू

कोसी परियोजना : परियोजना क्षेत्र की सुरक्षा, अवसंरचना के रख-रखाव, निर्माण सामग्री पर स्थानीय कर, कोसी बराज के दोनों ओर तटबंधों के कटाव, पश्चिमी मुख्य नहर के गेट संचालन, नेपाल क्षेत्र में सेवा पथ का रखरखाव, अतिक्रमण हटाने, परियोजना कर्मियों की सुरक्षा तथा कोसी टप्पू वन्यजीव क्षेत्र से संबंधित समस्या।

गंडक परियोजना : अधिग्रहित भूमि पर अनधिकृत कब्जा, जल निकासी अवरोध से कृषि भूमि में जलजमाव, नहरों में निर्धारित जलस्तर एवं डिस्चार्ज बनाए रखना, बाढ़ सुरक्षा एवं कटाव निरोधक कार्य, सेवा पथों का रख-रखाव तथा सिल्टयुक्त जल-प्रवाह नियंत्रण।

बाढ़-बचाव : मानसून अवधि के दौरान जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित बाढ़ पूर्वानुमान माडल के लिए नेपाल भूभाग के वर्षापात और जल-स्तर के आंकड़े अप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआइ) के माध्यम से साझा करने का प्रसंग।

 

बिहार सरकार सीमावर्ती नदियों के समुचित प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा भारत-नेपाल समन्वय को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रस्तावित बैठक से लंबित विषयों के समाधान एवं भविष्य की कार्ययोजना तय होने की अपेक्षा है। - विजय चौधरी, उप मुख्यमंत्री